Sunday, 16 July 2017

दिमाग तेज़ करने के 8 मज़ेदार तरीके

आज के दौर में हर कोई पढ़ाई या जॉब के क्षेत्र में आगे निकलने के लिए तेज़ दिमाग चाहता है। शायद आप भी यही चाहते होंगे। आप की इसी चाहत को पूरा करने के लिए आज़ हम दिमाग तेज़ करने के 8 तरीके बताने जा रहे है जो ना केवल आसान है बल्कि मज़ेदार भी हैं।
इन 8 तरीकों से भले ही आपको अपनी पढ़ाई या जॉब में कोई डायरेक्ट हेल्प ना मिले पर इनडायरेक्ट हेल्प जरूर मिलेगी। यह तरीके आपका दिमाग इतना विकसित कर देंगे कि दूसरी चीजे सीखनी आसान हो जाएगी।

दिमाग तेज़ कैसे करें? दिमाग तेज़ करने के 8 मज़ेदार तरीके

1. रोज़ाना कसरत करें

यह सुनने में भले ही आम सी सलाह लगे, पर यह बहुत प्रभावशाली तरीका है। इसीलिए तो इसे नंबर एक पर रखा गया है।
आप ने अकसर सुना होगा कि एक तेज़ दिमाग एक स्वस्थ शरीर में निवास करता है, और यह बिलकुल सही भी है। अगर आपको अपना दिमाग तेज़ करना है तो रोज़ कसरत करनी शुरू कर दें। शुरू में थोड़ी परेशानी जरूर होगी इसलिए आप थोड़े और आसान से शुरू करे और धीरे-धीरे बढ़ते चले जाएं। एक समय ऐसा आएगा कि कसरत करने में आपको मज़ा आने लगेगा।

2. कोई दूसरी भाषा सीखें

रिसर्च से पता चला है कि कोई नई भाषा सीखने से हमारे दिमाग की शक्ति बढ़ जाती है क्योंकि हम विचारों को प्रगट करने का एक और तरीका सीख जाते है। रिसर्च से यह बात भी सामने आई है कि अगर हमें पहले से 2 जा 2 से ज्यादा भाषाएं आती है तो तीसरी भाषा सीखने में आसान हो जाती है।

3. कोई Musical Instument बजाएं

क्या कभी आपको कोई संगीत वाद्ययंत्र (Musical Instument) बजाने का मौका मिला है जैसे कि गिटार, वायलिन जा फिर तबला? सालों की रिसर्च से पता चला है कि संगीत दिमाग के कुछ अलग हिस्सों का उपयोग करता है, पढ़ने और बोलने के लिए हम और हिस्सों का उपयोग करते है।
संगीत के लिए उपयोग होने वाले दिमाग के हिस्से हम कम ही उपयोग में लाते है पर Musical Instruments की मदद से हम उनकी शक्ति बढ़ा सकते है।


4. कुछ याद करने की कोशिश करें. – Memorization

यह तरीका सबसे आसान है और इसे आप बेड पर लेटे-लेटे भी कर सकते है क्योंकि इसमें हमें केवल सोचना होता है।
इस तरीके में आपको करना यह है कि अपने जीवन की कोई घटना याद करने की कोशिश करनी है जिसकी कई बातों को आप भूल चुके हों, इसके सिवाए आप किसी किताब में पढ़ी कोई कहानी जा बात को भी याद कर सकते है जा फिर टीवी पर देखे किसी प्रोग्राम के सीनज़ को भी।
इस प्रकार के सोचने और आम प्रकार के सोचने में यह फर्क है कि इसमें हम किसी खास टारगेट को लेकर सोचते है जबकि आम सोचने में विचार अपने आप मन में आते रहते है।

5. Games खेलें !

यह सबसे मज़ेदार तरीका है। आप Computer जा Mobile पर ऐसी Games खेल सकते है जिसने दिमाग तेज़ होता हो, जैसे कि शतरंज।
Google Play Store पर आपको कई तरह की बेहतरीन Games मिल जाएगी, साथ ही आप Crosswords और Sudoku जैसी Puzzles solve करके भी अपना दिमाग देज़ कर सकते है।

6. Reading Habit

पढ़ने की आदत हमारे लिए कई तरह से फायदेमंद होती है। यह हमें पोज़ीटिव बनाए रखती है और सबसे बढ़कर कि इससे हमारा दिमाग तेज़ होता है। आप ऐसे Topics को पढ़ कर अपना दिमाग तेज़ कर सकते है जिनके बारे में आपको पहले से जानकारी ना हो। Rochhak.com पर आपको ऐसी ही कई सारी चीज़े पढ़ने को मिल जाएंगी।

7. यात्रा करें

अगर आपके पास खूब सारी छुट्टियां है तो कहीं घूमने चले जाएं। नई जगह पर नए अनुभव होते है और अलग परिस्थितियों से निपटना सीखते है। यह सब हमारी दिमागी शक्ति को बढ़ाता है।

8. Calculations करें।

गणनाएं करना दिमाग तेज़ करने का सबसे पुराना और असरदार तरीका है। आप गणित की +,-,×,÷ वाली गणनाएं हफता दर हफता करके अपनी दिमागी शक्ति बढ़ा सकते है। इसके सबसे अच्छा तरीका है कि आप घर में किसी छोटे बच्चे को अपना साथी बनाइए और और यह सब सिखाइए, यह आप दोनो के लिए फायदेमंद रहेगा।
दोस्तो, भगवान धरती पर सबको एक जैसा दिमाग देकर भेजता है, पर वो उसी तरह से विकसित होता है जैसा कि हम उसे उपयोग करते है और जैसे माहौल में हम रहते है। हमारी यही उम्मीद रहेगी कि आप अपने दिमाग को सार्थक कामों के जरिए ही तेज़ करे। अगर आपको यह तरीके अच्छे लगें तो प्लीज़ शेयर जरूर कीजिएगा। धन्यवाद

26 मज़ेदार Science Facts जो आपको किताबों में नही मिलेगें।

1. शुक्र ग्रह का परिपथ 177 डिग्री तक झुक जाता है और Uranus 97 डिगरी तक झुक जाता है।
2. हर साल हमारे शरीर के लगभग 98 प्रतीशत परमाणु बदल जाते हैं।
3. गरम पानी ठंडे पानी से ज्यादा भारी होता है।
4. सौर मंण्डल के सारे ग्रह बृहस्पति में समा सकते है।
5. “Scientist” शब्द पहली बार 1883 में प्रयोग किया गया था।
6. आकाश से गिरी हुई बिजली सूर्य से 5 गुना ज्यादा गर्म होती है।
7. जब अंतरिक्षयात्री अंतरिक्ष से वापिस आते है तब उन की लंम्बाई 2 इंच बढ़ जाती है। इसका कारण यह है कि हमारी रीड़ की हड्डी से जुड़ी लचीली हड्डीयां गुरूत्व बल की गैरहाजरी में फैलने लगती हैं।
8. एक व्यकित बिना खाने के एक महीना रह सकता है पर बिना पानी के 7 दिन। अगर शरीर में पानी की मात्रा 1 प्रतीशत से कम हो जाए तो आप प्यास महसूस करने लगते है। अगर यह मात्रा 10 प्रतीशत से कम हो जाए तो आप की मौत हो जाएगी। (Source – www.rochhak.com)
9. ध्वनि हवा से ज्यादा स्टील में लगभग 15 गुना अधिक गति करेगी।
10. जब एक जैट प्लेन की गति 1000 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है तब उसकी लंम्बाई एक परमाणु घट जाती है।
11. जब हाईड्रोजन हवा में जलती है तो इस क्रिया के फलसरूप पानी बनता है।
12. प्रकाश को आकाशगंगा के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए 100,000 साल का समय लगता है।
13. एक मध्यम आकार के बादल का वजन 80 हाथियो के बराबर होता है।
14. Ploutonium मनुष्य द्वारा बनाया गया सबसे पहला तत्व है।

15. अभी तक 1 उल्का पिंड द्वारा शिर्फ एक ही बनावटी उपग्रहि नष्ट किया गया है। यह उपग्रह European Space Agency का Olympics(1993) था।
16. अगर आप अंतरिक्ष में जाते है तो आप गला घुटने की बजाए शरीर के फटने से पहले मर जाएगें क्योंकि वहाँ पर हवा का दबाब नही है।
17. रेडियोऐकटिव तत्व Americanium-241 कई धूम्र पदार्थो में इस्तेमाल किया जाता है।
18. एक खगोलशास्त्री फ्रेंक ड्रेक ने अंतरिक्ष संम्ंबन्धी कई तत्थों को ध्यान में रखते हुए कई समीकरणों द्वारा दरशाया कि हमारी आकाश गंगा(मंदाकिनी) में धरती के सिवाए 1000-10000 ग्रह ऐसे ओर हो सकते है जिन पे जीवन संम्भव हो सकता है। इतना ही नही 1974 में महान गणितज्ञ कार्ल सागन के अनुसार हमारी आकाशगंगा में ही 10 लाख सभ्ताये होनी चाहीए।
19. एक नजरिये से तापमान मापने के लिए Celsius सकेल Fahrenheit सकेल से ज्यादा अकलमंदी से बनाया गया। पर इसके निर्माता Andero Celsius एक अक्कड़ स्वाभाव के वैज्ञानिक थे। जब उन्होंने पहली बार इस सकेल को विकसित किया, उन्होंने गलती से जमा दर्जा 100 और ऊबाल दर्जा 0 डिगरी बनाया। पर कोई भी उन्हें इस गलती को कहने का हौसला न कर सका, सों बाद के वैज्ञानिकों ने सकेल को ठीक करने के लिए उनकी मृत्यु का इंन्तजार किया।
20. धरती एकलौता ऐसा ग्रह है जिसका नाम किसी देवता के ऊपर नही रखा गया और ना ही पुल्लिंग रखा गया है।
21. Albert Einestein के अनुसार हम रात को आकाश में लाखों तारे देखते है उस जगह नही होते ब्लकि कही और होते है। हमें तों उनके द्वारा छोडा गया कई लाख प्रकाश साल पहले का प्रकाश होता है। (Source – www.rochhak.com)
22. जब चाँद बिलकुल आपके सिर पर होता है तो आपका वजन थोड़ा कम हो जाता है।
23. आपको ये जानकर हैरानी होगी, कि आप बर्फ के टुकड़े से आग शुरू कर सकते है।
24. -40 डिगरी पर Fahraniheit सकेल और Celsius सकेल बराबर होते हैं।
25. शुक्र ग्रह बाकी ग्रहो की तरह अपनी धुरी के गिर्द झुका नही हुआ है और इसलिए इस पर ऋतुएँ भी नही और यह बाकी ग्रहो से उल्टी दिशा पर सूरज की परिक्रमा करता है।
26. तत्वो की आर्वती सारणी (Periodic Table) में ‘j‘ अक्षर कही भी नही आता।

सिकंदर की 8 सच्चाईयां जो उसके विश्व विजेता होने के भ्रम को तोड़ देगीं।

शायद सिकंदर इतिहास का पहला राजा था जिसने पूरी दूनिया को जीतने का सपना देखा। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए वह ग्रीस से मिस्त्र, सीरिया, बॅक्ट्रिया, ईरान, अफ़गानिस्तान और वर्तमान पाकिस्तान को जीतता हुआ व्यास नदी तक आ पहुँचा।
इतिहास में भले ही यह पढ़ाया जाता है कि सिकंदर की सेना लगातार युद्ध करके थक चुकी थी और आगे और युद्ध नही लड़ना चाहती थी। इस बात में थोड़ी बहुत सच्चाई हो सकती है परंतू असली वजय तो यह थी कि व्यास नदी के आगे हिंदू गणराज्यों और जनपदों ने उसकी एक ना चलने दी और उसे वापिस जाने पर मज़बूर कर दिया।
सिकंदर के विजयी अभियान को दौरान उसके इतिहासकार उसके साथ रहते थे जो उसकी सफ़लताओं को बढ़ा – चढ़ा कर लिख देते ते, अत्याचारों को छुपा देते थे और हारों को जीत में बदल कर लिख देते थे।
पर आज हम आपको इस तथाकथित विश्वविजेता के जीवन और युद्धों के बारे में 8 सच्चाईयां बताएंगे जो आपकी नज़र में इसके महान होने के भ्रम को तोड़ देगीं।


1. अपने भाइयों को मारकर बना था राजा

सिकंदर का जन्म 356 ईसवी पूर्व में ग्रीक के मकदूनिया (मेसोडोनिया) में हुआ था। उसका पिता फिलिपमकदूनिया का राजा था जिसने कई शादियां की थी।
336 ईसवी पूर्व में सिकंदर जब 19-20 साल का था तो उसके पिता फिलिप की हत्या कर दी गई। ऐसी भी कहा जाता है कि सिकंदर की मां ओलंपिया ने ही जह़र देकर अपने पति की हत्या करवाई थी।
अपने पिता की मृत्यु के पश्चात सिकंदर ने राजगद्दी पाने के लिए अपने सौतेले और चचेरे भाईयों का कत्ल कर दिया और मकदूनिया का राजा बन गया।

2. अरस्तू ने दिखाया था दुनिया जीतने का सपना

सिकंदर का गूरू अरस्तू था जो एक बहुत ही प्रसिद्ध और महान दार्शनिक था। अरस्तू के महत्व का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज पूरी दुनिया में जहां – जहां भी दर्शनशास्त्र, गणित, विज्ञान और मनोविज्ञान पढ़ाया जाता है उसमें कहीं ना कहीं अरस्तू के विचारों जा वैज्ञानिक अनुभवों का उल्लेख जरूर होता है, भले ही एक – आध लाइन में हो।
सिकंदर जैसे प्रतिभाशाली व्यक्ति को निखारने का काम अरस्तू ने ही किया था। कई इतिहासकार मानते है कि वह अरस्तू ही था जिसने सिकंदर के मन में पूरी दुनिया जीतने का सपना जगाया।
इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिकंदर के विजयी अभियान के दौरान अरस्तू का भतीजा कलास्थनीज़ भी एक सेनापति के रूप में उसके साथ गया था।

3. ऐसे की थी विजयी अभियानों की शुरूआत


Sikandar Empire
सिकंदर ने सबसे पहले मक्दूनिया के आसपास के राज्यों को जीतना शुरू किया। मक्दूनिया के आसपास के राज्यों को जीतने के बाद उसने एशिया माइनर (आधुनिक तुर्की) की तरफ कूच किया।
तुर्की के बाद एक – दो छोटे राज्यों को छोड़कर विशाल फ़ारसी साम्राज्य था। फ़ारसी साम्राज्य मिस्त्र, ईरान से लेकर पश्चिमोउत्तर भारत तक फैला था। उल्लेखनीय है कि फारस साम्राज्य सिकंदर के अपने साम्राज्य से कोई 40 गुणा ज्यादा बड़ा था।
फारसी साम्राज्य का राजा शाह दारा था जिसे सिकंदर ने अलग- अलग तीन युद्धों में हराकर उसके साम्राज्य को जीता। परंतु शाह दारा ने सिकंदर से संधि कर ली और अपनी एक पुत्री ऱुखसाना का विवाह उससे कर दिया।
फ़ारसी साम्राज्य जीतने में सिकन्दर को करीब 10 साल लग गए। विजय के पश्चात उसने बहुत भव्य जुलूस निकाला और अपने आपको विश्व विजेता कहलाना शुरू कर दिया क्योंकि फ़ारस को जीतकर वह उस तमाम भूमि के 60 प्रतीशत हिस्से को जीत चुका था जिसकी जानकारी प्राचीन ग्रीक के लोगों की थी।
भारत तक पहुँचते – पहुँचते उसे शाह दारा के इलावा छोटे – छोटे राज्यों, सूबेदारों और कबीलों से भी युद्ध करना पड़ा जिसमें उसकी जीत हुई।

4. सिकंदर का युद्ध कौशल

यह सिकंदर की योग्यता का ही परिणाम था कि उसकी छोटी सी सेना बड़ी – बड़ी सेनाओ को मात दे दिया करती थी। सिकंदर की युद्ध रणनीतियों को आज भी युरोप की किताबों में पढ़ाया जाता है।
सिकंदर के पत्थर और आग के गोले फेंकने वाले गुलेलनुमा बड़े- बड़े हथियार और उसके सैनिकों की लंबी – लंबी ढ़ालें युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाती थी।
कई ऐसे मौकों पर जब सिकंदर की सेना युद्ध में कमज़ोर पड़ती दिखती तो सिकंदर खुद आगे होकर लड़ता जिससे उसकी सेना का मनोबल बढ़ जाता।
सिकंदर की यवन सेना उसे देवता मानती थी।

5. सिकंदर का भारत पर हमला


सिकंदर ने भारत पर 326 ईसा पूर्व में हमला किया। उस समय भारत छोटे – छोटे राज्यों और गणराज्यों में बटा हुआ था। राज्यों में राजा शासन करते थे और गणराज्यों के मुखी गणपति होते थे जो प्रजा की इच्छा अनुसार ही फैसले लेते थे।
भारत में सिकंदर का सामना सबसे पहले तक्षशिला के राजकुमार अंभी से हुआ था। अंभी ने सीघ्र ही आत्मसमर्पण कर दिया और सिकंदर को सहायता दी।
सिकंदर अंभी द्वारा भेंट की गई दौलत को देखकर देख दंग रह गया। वह सोच में पड़ गया कि अगर भारत के एक छोटे से राज्य के पास इतनी धन – संपदा है तो पूरे भारत में कितनी होगी ? भारत की धन – संपदा देखकर उसे भारत जीतने की इच्छा ओर बढ़ गई।
इधर तक्षशिला विश्वविद्यालय के एक आचार्य चाणक्य से भारत पर किसी विदेशी का हमला देखा ना गया। चाणक्य ने भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए सभी राजाओं से सिकंदर के विरूद्ध लड़ने का आग्रह किया, परंतू सभी राजा अपनी आपसी दुश्मनी की वजह से एक साथ ना आए।
चाणक्य ने सबसे शक्तिशाली राज्य मगध के राजा धनानंद से भी गुहार लगाई, परंतू उसने चाणक्य का अपमान कर महल से निकाल दिया।
इसके बाद चाणक्य ने गणराज्यों से एक होने की अपील की जिसमें वह काफी सफल रहे, इन गणराज्यों ने वापसी के समय सिकंदर को बहुत नुकसान पहुँचाया।

6. सिकंदर और पोरस का युद्ध

सिकंदर का सबसे महत्वपूर्ण युद्ध झेलम नदी के तट पर राजा पुरू जा पोरस से हुआ। इस युद्ध को ‘पितस्ता का युद्ध‘ जा ‘हाइडेस्पेस का युद्ध‘ कहा जाता है।
महाराजा पूरु सिंध -पंजाब सहित एक बहुत बड़े भू – भाग के स्वामी थे और अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध थे।
सिकंदर की सेना को झेहलम नदी पार करके पोरस से युद्ध करना था परंतू वर्षा के मौसम के कारण नदी में बाढ़ आई हुई थी और नदी को पार करना मुश्किल था।
पर रात में किसी तरह यवन सेना नदी के पार पहुँच गई। नदी के उस पार राजा पुरू भी 30,00 पैदल सैनिकों, 4,000 घोड़सवारों, 300 रथों और 200 हाथियों के साथ सिकंदर के स्वागत के लिए त्यार खड़े थे।
सिकंदर ने महाराज पोरस के पास एक संदेश भिजवाया जिसमें पोरस को अधीनता स्वीकार करने को कहा पर पोरस ने ऐसा नही किया।
इसके बाद दोनो सेनाओं में भयंकर युद्ध शुरू हुआ। राजा पुरू जिसे स्वयं यवन 7 फुट से ऊपर का बताते है, अपनी शक्तिशाली सेना के साथ यवन सेना पर टूट पड़े। पोरस के हाथियों ने यूनानियों का जिस भयंकर रूप से संहार किया उससे सिकंदर और यवन घबरा गए।
युद्ध के पहले ही दिन सिकंदर की सेना को जमकर टक्कर मिली। इस युद्ध के बाद सिकंदर की सेना का मनोबल टूट गया और उसकी सेना ने आगे बढ़ने से इंकार कर दिया क्योंकि अगर वह किसी तरह पोरस से जीत भी जाते तो व्यास नदी के उस पार मगध की 6 लाख सेना से टक्कर ना ले पाते।
सिकंदर ने भी अनुभव किया कि वह पोरस को हरा नही सकेंगे और लड़ाई जारी रख के अपना ही नुकसान कर लेगें। अंतः उसने पोरस को युद्ध रोकने का प्रस्ताव भेजा जिसे पोरस ने मान लिया। अब सिकंदर और उसकी यवन सेना को वापिस जाना था।
इसके बाद सिकंदर को वापिस जाते हुए मालव, क्षुद्रक तथा कठ आदि वीर हिंदु गणराज्यों से संगठित विरोध का सामना करना पड़ा क्योंकि सिकंदर की योजना जाते – जाते इनके क्षेत्रों को जीतने की थी।
माना जाता है कि इन सभी गणराज्यों को एक साथ लाने में चाणक्य का बहुत बड़ा योगदान था। इन सभी गणराज्यों ने सिकंदर को काफी क्षति पहुँचाई और उसकी सेना के हौसने पस्त कर दिए।

7. सिकंदर – एक क्रुर और अत्याचारी व्यक्ति

हमारी इतिहास की किताबों में सिकंदर को एक ‘महान योद्धा‘ बताया जाता है और यह भी कि उसने पोरस को युद्ध में हरा दिया था और उसकी वीरता से प्रसन्न होकर उसका राज्य वापिस कर दिया था।
पर इतिहासकारों के अनुसार सिकंदर ने कभी भी उदारता नही दिखाई। वह एक अत्यंत अत्याचारी और शराबी व्यक्ति था। उसने अपने अनेक सहयोगियों को उनकी छोटी सी भूल के लिए तड़पा – तड़पा कर मार डाला था।
एक बार किसी छोटी सी बात के उसने अपने सबसे करीबी मित्र क्लीटोस को मार डाला। अपने पिता के मित्र पर्मीनियन को भी मरवा दिया। उसने अपने गुरू अरस्तू के भतीजे कलास्थनीज़ को मारने में भी संकोच नही किया।
प्रसिद्ध इतिहासकार एर्रियर लिखते हैं – जब बैक्ट्रिया के राजा बसूस को बंदी बनाकर लाया गया, तब सिकंदर ने उनको कोड़े लगावाए और नाक – कान कटवा कर बाद में हत्या करवा दी।
क्या ऐसा क्रुर सिकंदर, महान पोरस के प्रति उदार हो सकता था? अगर सिकंदर पोरस से जीता होता तो क्या वह उन्हें उनका साम्राज्य वापिस करता?
सच बात तो यह है कि सिकंदर और पोरस के बीच हुए युद्ध को उसके चापलूस लेखकों ने उसकी जीत में बदल कर एक कहानी गढ़ दी और सिकंदर को महान करार दे दिया।

8. सिकंदर की मृत्यु


अपने विश्व विजय के सपने के टूटने के बाद सिकंदर अत्याधिक शराब पीने लगा और उदास रहने लगा।
सिकंदर भारत में लगभग 19 महीने रहा। जब वह बेबीलोन (ईरान) पहुँचा तो 323 ईसवी पूर्व में 33 साल की उम्र में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत का कारण मलेरिया बताया जाता है।

निष्कर्ष

सिकंदर की सच्चाई जानने के बाद पता चलता है कि वह कोई विश्व विजेता नही था और ना ही महान। सिकंदर से भी कई गुणा ज्यादा क्षेत्र चंगेज़ खाँ और अन्य राजा जीत चुके थे। उसने पृथ्वी के मात्र 5 फीसदी हिस्से को जीता था।
इसमें कोई शक नही कि सिकंदर एक कुशल योद्धा था और इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है पर ऐसी कोई वजह नही कि उसे ‘विश्व – विजेता‘ कहा जाए जा उसके नाम के साथ ‘महान‘ लगाया जाए।
क्या एक क्रुर और हत्यारा व्यक्ति महान कहलाने के लायक है ?

लड़कियों ” की 42 मज़ेदार बातें

1. International Woman Day हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। कई देशों में इस दिन छुट्टी भी की जाती है।
2. इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी औलंपिक में अमरीका की टीम में पुरूषों से ज्यादा महिलाये हों। 2012 की औलंपिक टीम में 269 महिलाये और 261 पुरूष थे।
3. अमरीका में पुरूषों से महिलायों की गिणती ज्यादा है।
4. लगभग 100 में से 2 महिलायों के एक अतिरिक्त स्तन होता है जो कि तीसरा स्तन होता है।
5. साउदी अरब में यह कानुन है कि अगर कोई पति अपनी पतनी को cofee ना दे तो वह उससे तलाक ले सकती है।
6. महिलाएँ पुरूषों के मुकाबले अपनी ऑखे दुगनी ज्यादा झपकती है। (Source – www.rochhak.com)
7. ‘Woman’ शब्द की उत्पति wyfman’ से हुई है जिसका अर्थ है – ‘wife of man’।
8. संसार से हर जगह औरतो की औसत आयु मर्दो से कही ज्यादा है। महिलाएं पुरुषों के मुकाबले लंबी जिंदगी जीती हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह उनका इम्यून सिस्टम है।
9. लंबे कद वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति अधिक सचेत रहना चाहिए क्योंकि उन्हें इसका खतरा अधिक होता है। हालैंड के कुछ वैज्ञानिकों ने अपने शोध के आधार पर माना है कि लंबे कद वाली महिलाओं का शारीरिक विकास कम उम्र से ही तेजी से होता है जिस वजह से उनके हार्मोन्स में बदलाव भी तेजी से होता है। इससे उन्हें ब्रेस्ट कैंसर की आशंका अधिक रहती है।
10. हर महिला अपने जीवन काल दौरान लगभग 2 किलो 700 ग्राम lipstick लगा चुकी होती है।
11. लगभग 27% औरतो की मौत दिल की बिमारी के कारण और 12% की मौत कैंसर से होती है। (Source – www.rochhak.com)
12. सबस ज्यादा बच्चो को जन्म देने की रिकार्ड रूस की एक महिला के नाम हैं। जिसके 69 बच्चे थे। इनमे से 7 तो तिगड़ी थे अर्थात् तीन इकट्ठे पैदा हुए थे और 7 ही जुड़वा और बाकी एक-एक थे।
13. लगभग अमरीका की सेना में 14% महिलाएँ है जबकि 1950 में यह आकड़ा 2% से कम था।
14. Newzealand ऐसा पहिला देश है जिसने औरते को वोट का अधिकार सबस पहले 1893 में दिया। इंग्लैंड ने 1932 में दिया था।
15. अगर एक आदमी सात दिनो के लिए कही बाहर जाता है तो वह पाँच दिन के कपड़े पैक करता है। मगर जब एक औरत सात दिन के टूर पर जाती है तो वह लगभग 21 सूट पैक करती है क्योकि वह यह नही जानती कि हर दिन उसे किया पहनने को दिल करेगा। (Source – www.rochhak.com)
16. शोधकर्ताओं के मुताबिक, महिलाओं को नए जन्मे बच्चे की खुशबू बहुत ज्यादा उत्तेजित करती है। यह उत्तेजना किसी भी ड्रग्स के शिकार व्यक्ति के तड़पने के बराबर होती है।
17. औरतो को सुंघने की समता जन्म से ही मर्दो से ज्यादा होती है और सारी जिन्दगी ज्यादा ही रहती है।
18. झूठ के मामले में महिलाएं पुरुषों से काफी पीछे हैं। एक पुरुष दिन भर में 6 बार झूठ बोलता है। वहीं, एक महिला औसतन दिन में दो बार ही झूठ बोल पाती है।
19. महिलाओं ने हमेशा से सभी क्षेत्रों में अपनी कामयाबी के झंडे गाड़े हैं, लेकिन ये सच्चाई है कि महिलाओं को ओलिंपिक खेलों में शामिल होने का पहला मौका 1900 में मिला था।
20. औरतो के दिल की गति की धड़कन मर्दो से ज्यादा होती है।
21. हर साल लगभग 1 करोड़ 40 लाख किशोर लड़किया गर्भवती होती है और इनमे से 90% विकासशील देशों की होती है।
22. ब्रिटेन में महिलाओं के पास औसतन 19 जोड़े जूते और सैंडिल होते हैं। इनमें से वह सिर्फ सात जोड़ी काम में लाती हैं। इसके साथ ही अपनी पूरी जिंदगी में महिलाएं 111 हैंडबैग्स खरीदती हैं।
23. लगभग हर दिन 1,600 औरतें बच्चो को जन्म देने के दौरान मरती है ओर इनमे से 99% विकासशील देशो की होती है।
24. लड़कियां बड़ी चूजी होती हैं। एक शोध के मुताबिक, वे अपना एक साल सिर्फ यह सोच कर निकाल सकती हैं कि उन्हें कौन-से कपड़े पहनने हैं। वहीं, अपने लुक को लेकर वो दिन में कम से कम 9 बार सोचती हैं। (Source – www.rochhak.com)
25. इस बात से आप भी इत्तेफाक रखेंगे कि महिलाओं के पेट में कोई भी बात नहीं पचती। महिलाएं किसी भी खास बात को 47 घंटे और 15 मिनट तक ही गुप्त रख सकती हैं। इसके बाद ज्वालामुखी फटता है।
26. अफ्रीकी देश नाइजर शिशु जन्म दर के मामले में सबसे आगे है। यहां की महिलाएं औसतन सात बच्चों को जन्म देती हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।
27. एक साल में महिलाएं 30 से 64 बार रोती हैं। वहीं, पुरुष एक साल में सिर्फ 6 से 17 बार रोते हैं।
28. यह बात सुनने में भले ही मजाक लगे, लेकिन सच है कि पुरुष औसतन 13000 शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि महिलाएं लगभग 20 हजार शब्द बोलती हैं।
29. कामकाज में महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा वरीयता दी जाती है, लेकिन असलियत ये है कि महिलाएं एक साथ कई तरह के काम करने में पुरुषों से कहीं ज्यादा सक्षम होती हैं।
30. श्रीलंका ऐसा एकलौता देश है जिसका पहला प्रधानमंत्री एक महिला थी। श्रीमती भंडारनायके 1960 में श्रीलंका के पहले प्रधानमंत्री बने।
31. गर्भाशय का सफल ट्रांसप्लांट कराने वाली दुनिया की पहली महिला पहली बार 2013 में प्रेग्नेंट हुई थी।(Source – www.rochhak.com)
32. दुनिया का सबसे पहला नावल ‘The tale of Genji’ 1000 ईसवी में एक औरत Murasaki Shikibu(मुरासाकी शीकीबु) द्वारा लिखा और प्रकाशित किया गया था।
33. विश्व में अभी भी औरतो को मर्दो के जितना काम करने पर भी 36% कम वेतन मिलता है।
34. भारत में शादी से पहले सेक्स पर नैतिक प्रतिबंध है। वहीं, कुंवारी लड़कियों के गर्भधारण की बात तो सोची भी नहीं जा सकती। अमेरिका में 40 फीसदी महिलाएं शादी से पहले ही बच्चे को जन्म दे देती हैं।
35. महिलाओं पर किए गए शोध के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के दौरान खर्राटे लेने वाली महिलाओं के बच्चे आकार में बाकी बच्चों की तुलना में छोटे होते हैं।
36. 100 की उम्र के पार पहुँचने वालो में से 5 में से 4 औरते होती हैं।
37. लड़कियों को गंदी बातें करना उतना ही अच्‍छा लगता है, जितना की लड़कों को। (Source – www.rochhak.com)
38. प्रत्येक 90 सेकंड में दुनिया में एक महिला बच्चे को जन्म देने के दौरान मर जाती है।
39. दुनिया की 20 सबसे ज्यादा अमीर महिलाओं के पास दौलत कहां से आई? इसके पीछे उनकी मेहनत नहीं, बल्कि पति या पिता की मेहरबानी है। 17वें नंबर की अमीर महिला को छोड़कर बाकी सभी महिलाओं के पास उनके पति या पिता द्वारा छोड़ी गई दौलत है।
40. महिलाएं सेक्स के बाद भी किस करना पसंद करती हैं।
41. भारतीय महिलाएं, दुनिया में सबसे सुंदर मानी जाती हैं।
42. दुनिया में अगर सबसे ज्‍यादा कोई इमोशनल ब्‍लैकमेल के शिकार होते है तो वह भारतीय पुरूष होते है. भारतीय महिलाएं नजदीकी रिश्‍ते में कभी भी बात को सही ढंग से नहीं कहती, वह हमेशा उसे इमोशनल टच देती हैं ताकि कोई भी पिघल जाये और उनकी बात मान ले

दिमाग तेज़ करने के 8 मज़ेदार तरीके

आज के दौर में हर कोई पढ़ाई या जॉब के क्षेत्र में आगे निकलने के लिए तेज़ दिमाग चाहता है। शायद आप भी यही चाहते होंगे। आप की इसी चाहत को पूरा...

i

dfs